सिरसा, 17 अगस्त। महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद मदन लाल ढींगरा के शहीदी दिवस पर आज पंजाबी सत्कार सभा द्वारा शहीद भगत सिंह पार्क में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीद को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। पंजाबी सत्कार सभा के प्रधान प्रदीप सचदेवा ने शहीद मदन लाल ढींगरा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अमृतसर के अति सम्पन्न परिवार में जन्म लिया था तथा उनके पिता हिसार में सिविल सर्जन के पद पर भी रहे लेकिन मदन लाल ढींगरा ने आराम की जीवनशैली को त्यागकर देश की आजादी के लिए कुर्बानियों का कठिन रास्ता चुना। 1907 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वे इंग्लैंड गए जहां इंजीनियरिंग करते समय उनका सम्पर्क वीर सावरकर और अन्य क्रांतिकारियों से हुआ। उन्हीं से प्रेरणा पाकर ढींगरा ने जून 1909 में अंगे्रज अधिकारी कर्जन वैले की गोली मारकर हत्या कर दी तथा वहीं पर अपनी गिरफ्तारी दे दी। ब्रिटिश शासन ने उन पर मुकद्दमा चलाकर केवल डेढ़ महीने बाद ही 17 अगस्त 1909 को उन्हें फांसी की सजा दे दी। इस अवसर पर सभा के महासचिव भूपिन्द्र पन्नीवालिया, नेता जी सुभाष चन्द्र युवा परिषद के प्रधान हेमन्त गुप्ता, महासचिव गगन साहनी, नगरपार्षद रमेश मेहता, संघर्ष वैल्फेयर सोसायटी के प्रधान संदीप चौधरी, जनवादी नौजवान सभा के पूर्व जिला प्रधान टोनी सागू, वयोवृद्ध वामपंथी नेता बलदेव बख्शी, रमेश शास्त्री, अमन ग्रोवर, रिंकू ठाकुर, निखिल गुलाटी, रवि परूथी व पंजाबी सत्कार सभा के उपप्रधान प्रभुदयाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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