

सिरसा, पंजाबी सत्कार सभा द्वारा आयोजित पंजाबी सम्मान समारोह अपने अलग और अनूठे अंदाज के लिए लम्बे समय तक याद रखा जायेगा. रविवार देर शाम संम्पन्न हुए इस सम्मान समरोह में नयी पहल करते हुए ऐसे विद्यार्थिओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने पंजाबी भाषा विषय में शानदार प्रदर्शन किया था. जिला भर से ऐसे 130 छात्र - छात्राओं को समारोह के मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी भूपेश मेहता और समारोह अध्यक्ष मक्खन सिंह ख्योवाली ने गोल्ड मैडल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया. इस अवसर पर जिला के प्रसिद्ध पंजाबी लोक गायकों तरन्नुम भारती,गुरलाल सिंह,पंजाबी सिंह पंजाब,मनप्रीत सिंह गिल के अतिरिक्त पंजाबी कवि गुरदास सिंह पलना,लक्विंदर सिंह बजवा ,गुरमंगत गाफल और सुखदेव सायप्रस को विभिन्न सम्मानों से नवाजा गया.समरोह में तरन्नुम भारती द्वारा गया गया "पुत वंडान जमीनां धीयाँ दुःख वंडादियां ने................." और पंजाब सिंह पंजाब के गीत "हुंदा है माँ बरोबर रिश्ता भरजाई दा ........." ने उपस्तिथ श्रोताओं को बह्वुक कर दिया,इसके अतिरिक्त गुरलाल सिंह ने शहीद उधम सिंह के बारे और मनप्रीत गिल ने शहीदों के बारे में गीत गाकर सभी में देश के प्रति कुर्बानियां करने की अलख जगाई. मुख्य अतिथि भूपेश मेहता इस समरोह के पंजाबी सांस्कृतिक रंग को देखकर बेहद उत्साहित हुए. उन्होंने कहा की बरसों बाद उन्हें ऐसे खालिस लोकरंग के कार्यक्रम को देखने - सुनने का अवसर प्राप्त हुआ है और वे इस से अभिभूत हैं .उन्होंने पंजाबी सत्कार सभा द्वारा चलये जा रहे पंजाबी भाषाई और सांस्कृतिक आन्दोलन की प्रसंशा की और इसे एक पवित्र आन्दोलन बताया .समरोह अध्यक्ष और ग्रामीण सरपंच यूनीयन के ब्लाक प्रधान माखन सिंह ख्योवाली ने कहा की सभा की यह पहल इस लिए भी अनूठी है क्योंकि आज के युग की आपा-धापी में अपनी माँ बोली और संस्कृति ही सकून दे सकती है.उन्होंने भविष्य में भी सभा की हर तरह का सहयोग देने विश्वास दिलाया.इस अवसर पर अपने संबोधन में सभा के प्रधान प्रदीप सचदेवा ने कहा की देश की आजादी के आन्दोलन में पंजाबियों ने सर्वाधिक कुर्बानियां दी हैं और आज भी पंजाबी समाज के लोग देश की तरक्की के लिए हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं. उन्होंने पंजाबियों से जाती - धर्म के भेद भाव से ऊपर उठ कर देश और समाज के लिए कम करने का आह्वान किया.इस समरोह में सफल मंच सञ्चालन कार्यक्रम संयोजक सुखदेव ढिल्लों ने किया.इस अवसर पर सतपाल मेहता,औ पी अन्थोनी,यशपाल छाबड़ा,विनोद उपाध्य,सुतंत्र भारती,परमानन्द शास्त्री, सभा के महासचिव भूपिंदर पन्निवालीया,उप प्रधान प्रभुदयाल,शहरी प्रधान नगरपार्षद रमेश मेहता,युवा जिला संयोजक वरुण छाबड़ा,गुरजीत मान,सुरिंदर सरदाना,संजीव कालड़ा और संजीव मुंजाल सहित अनेक गण्यमान्य व्यक्ति उपस्तिथ थे.
तख्ती आकर का स्मृति चिन्ह रहा आकर्षण का केंद्र
पंजाबी सत्कार सभा द्वारा करवाए गये पंजाबी सम्मान समरोह में पुराने ज़माने में लिखने के लिए काम आने वाली तख्ती के आकर वाला स्मृति चिन्ह चर्चा में है. सभा द्वारा समारोह के मुख्य अतिथि भूपेश मेहता ,अध्यक्ष मक्खन सिंह ख्योवाली तथा सम्मान प्राप्त करने वालों को विशेष तौर पर तैयार करवाई गयी तख्तियां स्मृत चिन्ह के रूप में दी गयी.इन तख्तियों पर गुरमुखी वर्णमाला छपी हुई थी.यह अनूठा स्मृति चिन्ह प्राप्त करने के बाद समारोह के मुख्य अतिथि भूपेश मेहता ने अपने संबोधन में इस तख्ती का जिक्र करते हुए कहा की उनके लिए यह सम्मान चिन्ह वास्तव में अलग मायने रखता है क्योंकि इसको प्राप्त करते हुए उन्हें बचपन की अनेक स्मृतियाँ ताज़ा हो गयीं हैं.उन्होंने कहा की यह तख्ती पंजाबी सत्कार सभा के पंजाबी भाषा और संस्कृति को लेकर चलाये जा रहे आन्दोलन का सन्देश घर- घर तक पहुंचाएगी. अन्य सम्मानित हुए व्यक्तित्व भी इस तख्ती से आकर्षित दिखाई दिए.
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