

सिरसा,श्री जीवननगर के श्री गुरु हरी सिंह कॉलेज स्टेडियम में चल रही हाकी नर्सरी हमारी खेल संस्कृति का सुनहरा हिस्सा है,लेकिन इसे संजोने और सवारने के प्रयास जरुरत से बहुत कम हैं ये विचार पंजाबी सत्कार सभा के जिला सांस्कृतिक संयोजक सुखदेव ढिल्लों ने आज इस नर्सरी का अवलोकन करते हुए व्यक्त किये.उन्होंने पंजाबी सत्कार सभा के जिला प्रधान प्रदीप सचदेवा के साथ इस नर्सरी में प्रशिक्षण ले रहे करीब अस्सी बाल खिलाडियों के साथ - साथ आज उनके कोच गुरमेज से भी मुलाकात की.उन्होंने कहा कि हालाँकि राज्य सरकार ने भारतीय हाकी टीम के खिलाडी सरदार सिंह को पुलिस में नौकरी देकर डी.एस.पी जेसा महत्वपूर्ण पद दिया लेकिन हाकी के हीरे पैदा करने वाली इस नर्सरी के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है. इस अवसर पर कोच गुरमेज सिंह ने बताया कि इस नर्सरी ने भारतीय हाकी में हमेशा ही अपना बहुमूल्य योगदान दिया है,वर्तमान में यहाँ के तीन हाकी खिलाडी भारतीय हाकी टीम में शामिल है और अपने खेल से दुनिया भर के हाकी प्रेमियों का ध्यान अपनी और खींच रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस सब के बावजूद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इस नर्सरी को किसी प्रकार की सुविधा प्रदान नहीं की जा रही,हाकी जगत में इस नर्सरी द्वारा दिया जा रहा योगदान केवल श्री गुरु हरी सिंह कॉलेज के प्रयासों का ही नतीजा है और यहाँ हाकी का प्रिशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाडियों को जो सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं वह नामधारी सीड्स बेंगलोर द्वारा प्रदान की जा रहीं हैं. उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि यहाँ के खिलाडियों को खेल का सामान और डायट आदि भी राज्य सरकार के खेल विभाग द्वारा मुहया करवाना उचित नहीं समझा गया है .दुनिया भर के दर्जन भर देशों में अपनी हाकी के जोहर दिखा चुके गुरमेज सिंह ने कहा कि यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद चुने गये 25 खिलाडियों को श्री भैनी साहब भेजा जाता है जिन्हें वहां के टर्फ मैदान पर अभ्यास करवाकर अंतरराष्ट्रिय हाकी खेलने के लिए त्यार किया जाता है. उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र की दूर दृष्टी के आभाव का पता इसी से लगाया जा सकता है कि सिरसा के भगत स्टेडियम में बनाया गया टर्फ मैदान खिलाडियों के लिए तरसता है और इस नर्सरी के सैंकड़ो खिलाडी टर्फ मैदान में खेलने को. इतने खिलाडियों का रोज यहाँ से सिरसा जाना असम्भव है,सरकार को चाहिए था कि सिरसा में बनाया गया टर्फ मैदान श्री जीवननगर में बनाया जाता जिससे सरकार द्वारा इसके लिए खर्च किये गये करोड़ों रुपयों का सदुपयोग हो जाता .गुमेज सिंह ने कहा कि यहाँ के खिलाडियों को केवल रविवार को ही सिरसा ले जाना संभव हो पाता है और सप्ताह में केवल एक दिन ही टर्फ पर अभ्यास कर पाते हैं .पंजाबी सत्कार सभा के जिला प्रधान प्रदीप सचदेवा ने इस अवसर पर कहा कि जहाँ उन्हें इस नर्सरी के अंतरराष्ट्रिय हाकी में शानदार योगदान पर गर्व है वहीँ सरकार के असहयोग पूर्ण रवैये पर दुःख भी है.उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि वह श्री जीवानगर की इस एतिहासिक नर्सरी को सभी खेल सुविधाएँ प्रदान करने के साथ- साथ यहाँ टर्फ मैदान बनवाने की भी व्यवस्था करे तांकि इस नर्सरी को दुनिया में सिरसा का नाम चमकाने वाले और अधिक खिलाडी पैदा करने का अवसर मिल सके।
फोटो में : (1) पंजाबी सत्कार सभा के जिला सांस्कृतिक संयोजक सुखदेव ढिल्लों नर्सरी के खिलाडियों और कोच के साथ,(2) सभा के जिला प्रधान प्रदीप सचदेव कोच गुरमेज सिंह से बातचीत करते हुए.
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