सिरसा। आयकर विभाग के अधिकारियों व मीडिया कर्मियों से मारपीट व दुर्व्यवहार करने के मामले में फास्ट ट्रेक न्यायालय ने गृहराज्यमंत्री गोपाल कांडा के 18 सहयोगियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय द्वारा फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। अदालती प्रक्रिया के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उक्त 17 आरोपियों को जिला कारागार भेजे जाने के आदेश दिए।
मामले के अनुसार 31 जनवरी 2008 को रानियां रोड स्थित तारा बाबा कुटिया में आयकर विभाग के एडीआईटी मुंशी राम की टीम ने छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान आयकर विभाग के कर्मचारियों के हाथ एक लैपटॉप लगा जिसमें कांडा बंधुओं के व्यवसाय से सम्बंधित लेखाजोखा था। आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान कार्यालय में हडकंप मच गया। आनन-फानन में कांडा बंधुओं के व्यवसाय से सम्बंधित दस्तावेजों को छिपाने क प्रयास किया । इसी दौरान आयकर अधिकारी मुंशी राम के हाथ एक लैपटॉप लगा, जिसमें पूरा खाका था। आय कर विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना मिलने पर मीडिया भी कांडा बंधुओं के कार्यालय जा पहुंचा। मीडिया द्वारा कवरेज किये जाने से बौखलाए कांडा बंधुओं के सहयोगियों ने आयकर विभाग के अधिकारीयों व मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करना कर दिया। इसी बीच नवीन गर्ग पुत्र पवन गर्ग निवासी इन्द्रपुरी मोहल्ला अधिकारीयों हाथों से लैपटॉप छीन·र फरार हो गया। तदोपरांत सुशील शर्मा पुत्र रामशरण शर्मा निवासी बेगू रोड, अमित पुत्र धनराज निवासी पुरानी हाऊसिंग बोर्ड कालोनी, सुशील सैनी पुत्र बीरबल राम सैनी निवासी गऊशाला मोहल्ला, मदन लाल जांगड़ा पुत्र कांशी राम निवासी मोहल्ला जंडवाला, भूप सैनी पुत्र सीताराम सैनी निवासी रामनगरिया, गुरदयाल उर्फ दयाला पुत्र इस्सर राम सैनी निवासी बरनाला रोड, सूरत सैनी पुत्र फूल चंद सैनी निवासी कीर्तिनगर, जरनैल सिंह पुत्र रामचन्द्र निवासी चत्तरगढ़ पट्टी, नरेश सैनी पुत्र श्याम सुंदर निवासी कीर्तिनगर, हरफूल पुत्र हरीश चन्द्र शर्मा निवासी राम कालोनी, प्रेम पुत्र देवीलाल सैनी निवासी रामनगरिया, कृष्ण लाल सैनी पुत्र सूरजा राम निवासी रामनगरिया, गुलाब चंद पुत्र गोपाल दास गुज्जर निवासी रानियां गेट, राजू उर्फ राज कुमार पुत्र लीलू राम सैनी निवासी रामनगरिया, शंकर लाल पुत्र राज कुमार अग्रवाल निवासी नोहरिया बाजार, मुकेश महाजन पुत्र सीताराम निवासी हिसारिया बाजार तथा जीतेन्द्र कुमार पुत्र प्रताप सिंह धनक निवासी चत्तरगढ़पट्टी ने अधिकारीयों और कर्मचारियों साथ मारपीट की । कार्यालय में हुए इस विवाद की सूचना मिलने पर शहर थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने एडीआईटी मुंशी राम की शिकायत पर उक्त सभी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 332, 353, 186, 204 व 395 के तहत मामला दर्ज कर चालान पेश कर दिया। आज फास्ट ट्रेक न्यायालय के न्यायाधीश सुक्रमपाल ने उक्त सभी आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया। अदालती प्रक्रिया दौरान आरोपी जितेन्द्र कुमार की मौत हो गई। न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
0 comments:
Post a Comment